नई दिल्ली के डॉ. अंशुमान कौशल ने बताया कि युवाओं को भी कैंसर, किडनी, लिवर, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप समेत कई बीमारियां घेर रही हैं। कई बार एडवांस स्टेज में बीमारियों का पता चलने पर इलाज मुश्किल होता है। ऐसे में एआई लोगों के रक्त, हड्डी, मांसपेशियों और विभिन्न अंगों का अध्ययन कर भविष्य की बीमारियों को इंगित करेगा। इससे लोग संबंधित बीमारी के प्रति सजग रहते हुए अपनी जीवनशैली सुधार लेंगे। इलाज कराने से मर्ज के ठीक होने के ज्यादा अवसर मिलेंगे। इतना ही नहीं अब एआई आईसीयू के मरीजों के एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन, एमआरआई, खून समेत अन्य जांच का आकलन कर मरीज के ठीक होने की दर भी बता रहा है। यहां तक कि मरीज का जीवन कितने दिन है, इसका भी पता चल सकेगा।