आगरा के गिरजाघरों में बुधवार को राख बुधवार मनाया गया। मुख्य प्रार्थना निष्कलंक माता महागिरजाघर में हुई। इसी के साथ ईस्टर तक चलने वाला ईसाई समाज का 40 दिवसीय उपवास (व्रत) और परहेज की अवधि दुखभोग काल (लैंट सीजन) प्रतापपुरा स्थित सेंट मेरीज चर्च में प्रारंभ हुआ। महाधर्माध्यक्ष डॉ. राफी मंजलि ने कहा कि मानव को सात्विक जीवन जीना चाहिए। ईसाई समाज के लिए लैंंट का पवित्र महीना बुधवार से शुरू हो रहा है। लैंट का महीना करीब 40 दिनों का होता है। फादर जोसेफ डाबरे ने बताया कि इस दौरान लोग प्रभु यीशु मसीह के दु:ख भोग का स्मरण एवं प्रार्थना करते हैं। विवाह एवं अन्य मांगलिक कार्यक्रम नहीं होते हैं। छोटे-बड़े श्रद्धालुओं के माथे पर राख लगाकर जीवन की क्षणभंगुरता और प्रायश्चित की याद दिलाई। आगरा छावनी स्थित सेंट पैट्रिक्स चर्च में पल्ली पुरोहित फादर ग्रेगरी और फादर सनी कॉटर ने पवित्र मिस्सा बलिदान सम्पन्न कराया। इस दौरान क्रिश्चियन समाजसेवा सोसाइटी के अध्यक्ष डेनिस सिल्वेरा, एल्विन सिल्वेरा, फादर स्टीफन आदि मौजूद रहे।