आगरा के कागारौल में दो दिन पहले तक जहां पर मंगल गीत गूंज रहे थे, वहां आज करुण क्रंदन और आंखों में आंसू हैं। शुक्रवार शाम को एक-एक करके 5 के शव आए तो गांव कुसियापुर के लोगों का कलेजा ही फट पड़ा। हर तरफ अपनों के जाने का गम। रोते-बिलखते परिजन को संभालने वालों के भी आंसू निकलने लगे। एक साथ 5 चिताएं जलीं तो हर आंख नम हो गई। दो दिन से गांव के घरों में चूल्हे भी नहीं सुलगे हैं।