जब रावण पर कुपित हुए भगवान भाले शंकर तो शिव को मनाने के लिए रावण ने रचना की तांडव कर्ता की स्तुतिक और इस तरह अस्तित्व में आया शिव तांडव स्तोत्र। इसके पाठ और श्रवण से मिलती है शिव कृपा।
15 September 2026
14 September 2026
3750 d ago
3758 d ago
3762 d ago
3763 d ago
3765 d ago
3769 d ago
3771 d ago
3778 d ago
3779 d ago
3798 d ago
3799 d ago
3804 d ago
3807 d ago
3812 d ago
3813 d ago
3844 d ago
3845 d ago