जलियांवाला बाग को कोई भूल नहीं सकता। उस वक्त उधमसिंह भी नहीं भूल पा रहे थे। 13 अप्रैल 1919 को हुई जलियांवाला बाग की घटना ने उन्हें सोने नहीं दिया। उधमसिंह ने उस घटना का बदला लेने की ठानी और फिर 21 साल बाद 13 मार्च को लंदन में उन्होंने बदला लिया, देखिए कैसे?