हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के सरकारी उच्च विद्यालय नौरंगाबाद में शनिवार को 20 फीट लंबा, एक फीट मोटा और 43 किलो वजनी स्याही वाला पेन शक्ति स्थापित किया गया। स्कूल के मुख्याध्यापक का दावा है कि यह दुनिया का सबसे बड़ा पेन है, जो लिखेगा ही नहीं, बल्कि किसी भी शिक्षक के छुट्टी पर होने पर उनकी ओर से रिकॉर्ड लेक्चर विद्यार्थियों को सुनाएगा भी। शिक्षण-अधिगम तकनीक से युक्त यह पेन दिन को विद्यार्थियों की निगरानी और रात को स्कूल की पहरेदारी करेगा। ये पेन लिख सकता है। शारीरिक शिक्षक की गैर मौजूदगी में बच्चों को प्रार्थना सभा करवा सकता है। किसी शिक्षक के छुट्टी पर जाने पर उनकी आवाज में पाठ पढ़ा सकेगा। स्कूल के मुख्याध्यापक एवं विज्ञान के शिक्षक डॉ. संजीव अत्री ने शिक्षकों के सहयोग से पेन का डिजाइन बनवाया और 45,000 रुपये की लागत से तीन माह में इसे तैयार भी करवाया।