गेयटी थियेटर में गुरुवार को द डॉल नाटक का मंचन किया गया। इसमें रिश्तों के बिगड़ने के बाद एक आदमी का अकेलापन दिखाया है नाटक द डॉल एक 39 वर्षीय व्यक्ति की कहानी है, जिसकी प्रेमिका छह साल के लिव इन रिश्ते में रहने के बाद उसे छोड़ देती है। अकेला रह जाने पर वह अकेलापन सहन नहीं कर पाता और कुछ महीनों के बाद एक एंड्रॉयड महिला डॉल के साथ रहना शुरू कर देता है, जिसे आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस से पुरुषों को खुश करने के लिए डिजाइन किया है और एकदम नवीनतम एंड्रॉयड डॉल है। डॉल के साथ रहने के बाद आदमी को धीरे-धीरे उन सभी गलतियों का एहसास हुआ जिसके लिए उसकी प्रेमिका उसे छोड़कर चली गई थी। द डॉल का मूल आलेख अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त नाटककार मौरी गावरान ने लिखा है जबकि इसका रूपांतरण सौरभ श्रीवास्तव और निर्देशन प्रख्यात नाट्य निर्देशक एवं युवा राष्ट्रीय अकादमी अवार्डी केदार ठाकुर ने किया है। इसमें मुख्य भूमिका रूपेश भिमटा ने निभाई है। माया द डॉल की मुख्य भूमिका येशवी भारद्वाज ने अदा की।