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Shimla: जॉब ट्रेनी पॉलिसी के खिलाफ एसएफआई ने निकाली रैली, योजना को रद्द करने की उठाई मांग

अंकेश डोगरा Updated Mon, 04 Aug 2025 04:57 PM IST

सोमवार को एसएफआई राज्य कमेटी द्वारा डीसी ऑफिस के बाहर जॉब ट्रेनी पॉलिसी के खिलाफ रैली निकालकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए राज्य अध्यक्ष अनिल ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार को आए हुए तीन साल का समय हो चुका है लेकिन युवाओं से जो वादा करके यह सरकार सत्ता में आई थी कि युवाओं को 2 लाख नौकरियां प्रतिवर्ष देंगे उसमें वह पूरी तरह विफल रही है व उसके विपरीत जो नौकरियां बची भी थी उन्हें भी इस जॉब ट्रेनी योजना के तहत खत्म करने की योजना शुरू कर रही दी है। ‎प्रदेश में लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश में पूर्व में भाजपा सरकार द्वारा आउटसोर्स के माध्यम से ठेका प्रथा की योजना लाई थी। वर्तमान में कांग्रेस सरकार पहले शिक्षक वीर और अब जॉब ट्रेनी जैसी नीतियां लाकर धोखा कर रही है। हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार प्रदेश में युवा विरोधी नीतियां लाकर लगातार प्रदेश को पीछे धकेलने का काम कर रही है। प्रदेश में जो युवा व छात्र मेहनत करके प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अपने घरों से दूर रह कर तैयारियां कर रहा है कि एक दिन वह अपनी मेहनत से अपने सपनो को पूरा करेगा, लेकिन सपने पूरे होने से पहले ही सरकार इस तरह की नीतियां लागू कर रही है। जिससे युवाओं के उम्मीदों पर पानी फिर गया है। ‎एसएफआई यह मांग करती है कि यह जो जॉब ट्रेनी योजना सरकार द्वारा लाई गई है पूरी तरह से युवा विरोधी है और यह स्थाई रोजगार को खत्म करने की सोची समझी साजिश है इसे तुरंत प्रभाव से रद्द किया जाए, ताकि प्रदेश के युवाओं को स्थाई रोजगार मिल सके। अन्यथा एसएफआई पूरे प्रदेश के छात्र नौजवानों को संगठित करके प्रदेश में कांग्रेस सरकार के खिलाफ आंदोलन तैयार करेगी जिसकी जिम्मेदार प्रदेश सरकार होगी।

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