गेयटी थिएटर के टेवरन हॉल में आयोजित अक्स-ओ-नक्श क्ले आर्ट प्रदर्शनी में घुंघरू का चित्र मुख्य आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। चित्रकार रुपाली ने बताया कि यह पेंटिंग भारतीय शास्त्रीय नृत्य और पारंपरिक कला का एक सुंदर मिश्रण है। इस पेंटिंग के बीच में लगे पीतल के घुंघरू डांस में बेहद पवित्र माने जाते हैं। यह डिवोशन और पॉजिटिव एनर्जी का प्रतीक है।