शिमला बार एसोसिएशन ने मंडी में जिला एवं सत्र न्यायाधीश की ओर से वकीलों के टेबल और चेंबरों को जबरन हटाए जाने की घटना के विरोध में एक दिन का बहिष्कार किया। इस बहिष्कार के दौरान राजधानी शिमला सहित प्रदेश के सभी न्यायालयों में कार्य स्थगित रखा गया। एडवोकेट स्टेट कॉर्डिनेशन कमेटी के आह्वान पर बुलाए गए जनरल हाउस में शिमला बार एसोसिएशन के सदस्यों ने मंडी बार के वकीलों के साथ एकजुटता और सौहार्द प्रकट करने के लिए यह निर्णय लिया। कमेटी के अध्यक्ष भुनेश पाल और सचिव पुनीत धानटा ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के सभी न्यायालयों में कार्य स्थगित रखा गया है। शिमला बार एसोसिएशन के सदस्यों ने इस घटना की निंदा की और मंडी बार के वकीलों के साथ एकजुटता प्रकट की। इस अवसर पर उपस्थित सदस्यों ने सरकार से मांग की कि मंडी में वकीलों के साथ हुए दुर्व्यवहार के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।