मकर संक्रांति पर्व पर तुलादान करने का विशेष महत्व माना जाता है। इसके लिए हर वर्ष तत्तापानी में हजारों की संख्या में लोग स्नान और तुलादान करने के लिए आते हैं। इस बार भी मंगलवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने तत्तापानी में आस्था की डुबकी लगाई। तत्तापानी के पंडित भूपेंद्र शर्मा ने बताया कि तत्तापानी में ब्रह्म मुहूर्त में पवित्र स्नान शुरू हुआ। स्नान करने के बाद लोगों ने नवग्रहों की शांति के लिए तुलादान भी करवाया। स्नान और तुलादान करने की प्रक्रिया शाम छह बजे तक चली रहती है। इस दौरान यहां पर प्रदेश सहित बाहरी राज्यों से हजारों श्रद्धालु पवित्र स्नान के लिए पहुंचे। संक्रांति के एक दिन पहले शाम से ही यहां भीड़ जुटना शुरू हो गई थी ताकि संक्रांति वाले दिन लोग ब्रह्म मुहूर्त में पवित्र स्नान कर सकें। मकर संक्रांति पर खिचड़ी, चावल, दाल, माश, उड़द की दाल और ऊनी कपड़ों का दान किया जाता है।