विधानसभा सत्र के दौरान जोगिंद्रनगर के विधायक प्रकाश राणा ने प्रदेश की चरमराई अर्थव्यवस्था और लगातार बढ़ते कर्ज को लेकर प्रदेश सरकार पर जोरदार हमला बोला है। सदन में उन्होंने मुख्यमंत्री की घोषणाओं पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब खजाने में कर्मचारियों के वेतन और पेंशन तक के लिए पैसा नहीं है, तो इन वादों को पूरा करने के लिए बजट आखिर कहां से आएगा। उन्होंने कहा कि सरकार हर साल 10 हजार करोड़ रुपये का कर्ज ले रही है। अगर कर्ज लेने की यह लत नहीं छूटी, तो अगले पांच सालों में हिमाचल पर 1.5 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम कर्ज हो जाएगा। ऐसे में 20 हजार करोड़ रुपये का ब्याज और देनदारी चुकाना असंभव हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार के पास कोई 'जादू की छड़ी नहीं है जो हर घोषणा पूरी कर दे। उन्होंने सदन में पिछली सरकारों पर दोष मढ़ने की राजनीति को समय की बर्बादी बताया। उन्होंने केंद्र की रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट बंद होने पर रोने के बजाय भविष्य की नीतियां तय करने पर जोर दिया। उन्होंने सरकार को स्पष्ट नसीहत दी कि अब सारा फोकस सिर्फ आय के नए साधन जुटाने और फिजूलखर्ची कम करने पर होना चाहिए।