शिमला जिले के जुब्बल के तहत झड़ग गांव में देवता नागेश्वर मंदिर में 54 साल बाद शांत महायज्ञ शुरू हो गया। पहले दिन देव आगमन हुआ। अनुष्ठान ने पूरे क्षेत्र में नई ऊर्जा और उत्साह भर दिया है। मंदिर परिसर में गुरुवार को दोपहर बाद दूरदराज गांवों से श्रद्धालु भारी संख्या में पहुंचे। देव आगमन पर दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। मंदिर में पहले दुर्गा माता हाटकोटी ने रास मंडल में प्रवेश किया। इसके बाद देवता धौंलू ने रास मंडल खंडित किया। शोभायात्रा के दौरान देव समाज की देव परंपराओं का प्रदर्शन देखने को मिला। देवता की पालकी उठाने वालों, बुजुर्गों और युवा वर्ग में विशेष उत्साह देखा गया। विशेष बात यह रही कि 54 साल बाद आयोजित यह अनुष्ठान स्थानीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं को पुनर्जीवित करने वाला साबित हुआ। आज फेर में देवी-देवता मंदिर परिसर की परिक्रमा करेंगे, शिखा पूजन भी होगा। मंदिर के भंडारी, पुजारी व प्रमुख ने अमर उजाला से बातचीत में शांत महायज्ञ के इतिहास, परंपरा आदि की जानकारी दी।