शिमला नागरिक सभा ने शहर में कुत्तों और बंदरों की समस्या के समाधान की मांग को लेकर उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। सभा के अनुसार कुत्तों, बदरों, लंगूरों द्वारा शिमला शहर के लोगों खासकर बच्चों को काटने की घटनाएं प्रतिदिन बढ़ रही है। जुलाई में लगभग 250 व अगस्त में 300 से ज्यादा लोगों को बंदरों व कुत्तों, लंगूरों ने फाटा है। शिमला शहर में पैदल चलना मुश्किल हो गया है। नागरिक सभा ने मांग उठाई कि खूंखार कुत्तों के लिए शिमला शहर से बाहर कही भी हट बनाए जाए। कुत्तों पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू किया जाए। कुत्तों लिए ऐसी जगह फीड के लिए चयनित किया जाए, जहां लोगों की आवाजाही कम हो। जो लोग कुत्तों को हर कहीं खाना देते हैं, उनपर कानून के तहत कार्रवाई की जाए।