केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री अजय टम्टा के बयान पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पलटवार किया है। टम्टा ने शिमला में कहा था कि केंद्र सरकार के विभिन्न परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण के लिए राज्य सरकार सहयोग नहीं कर रही है। इस पर सीएम सुक्खू ने कहा कि भूमि अधिग्रहण का कानून केंद्र सरकार है और केंद्र के कानून को कोई रोक नहीं सकता है। प्रदेश में नेशनल हाईवे व रेल परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य चल हुआ है। जब अधिग्रहण हो रहा है तो प्रदेश सरकार इसमे कहां रुकावट डाल रही है? मेरे कार्यकाल में तो इस कार्य में तेजी आई है। जयराम ठाकुर के कार्यकाल में तो शिमला-मटाैर, नालागढ़-पिंजाैर, पठानकोट-मंडी फोरलेन के 1800 करोड़ ट्रेजरी में तीन साल तक पड़े रहे। हमने तीन महीने में भूमि मालिकों को मुआवजा दिलाने के कार्य को गति दी। इस प्रकार का झूठा प्रचार करने का स्वभाव भाजपा का बन चुका है, उसका किस तरह जवाब देना है इसकी रणनीति विधायक दल की बैठक में बनाई जाएगी। भाजपा भ्रामक व झूठा प्रचार करती है। सीएम ने कहा कि मेडिकल डिवाइस पार्क के नाम पर प्रदेश की संपदा को लुटाने की कोशिश की गई। 15,00 बीघा जमीन मेडिकल डिवाइस पार्क के लिए 12 लाख रुपये में दे दी गई। उसमें ये शर्त थी कि उद्योगपत्तियों को एक रुपये वर्ग मीटर के हिसाब से जगह दी जाएगी। यह प्रदेश की संपदा को लुटाना है। पार्क में उद्योगपत्तियों को 10 साल तक बिजली तीन रुपये प्रति यूनिट दी जाएगी, जबकि सरकार अक्तूबर से मार्च तक सात रुपये प्रति यूनिट पर खुद बिजली खरीदती है। उद्योग लगाने वाले 10 साल तक पानी का बिल नहीं लेंगे। ये कहां का मेडिकल डिवाइस पार्क है। इसलिए केंद्र सरकार के हिस्से को बयाज सहित लाैटाया गया।