शिमला 108 और 102 एंबुलेंस कर्मियों ने शुक्रवार को राजधानी शिमला के कसुम्पटी स्थित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में कर्मचारी एकत्र हुए और जोरदार नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। सीटू संबंधित एंबुलेंस यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने कहा कि एंबुलेंस कर्मी लंबे समय से शोषण का शिकार हो रहे हैं। उन्हें न तो न्यूनतम वेतन दिया जा रहा है और न ही 12 घंटे की ड्यूटी के बाद ओवरटाइम का भुगतान। इसके अलावा, ईपीएफ और ईएसआई के क्रियान्वयन में भी अनियमितताएं की जा रही हैं। मेहरा ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों पर लगातार मानसिक दबाव बनाया जाता है और उन्हें डराकर नौकरी छोड़ने तक के लिए मजबूर किया जाता है। उन्होंने कहा कि यूनियन ने तीन बार प्रबंधन के एमडी से मुलाकात की, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। कसुम्पटी में प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने कहा कि मरीजों को परेशान करना उनका मकसद नहीं है, लेकिन बार-बार अनदेखी और शोषण ने उन्हें सड़क पर उतरने को मजबूर कर दिया है। उन्होंने सरकार से अपील की कि उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए।