हिमाचल में सेब सीजन रफ्तार पकड़ने लगा है। सेब के बगीचों को ओलो से बचाने के लिए शिमला के कोटखाई की बागी व रतनाड़ी पंचायत में एंटी हेल नेट लगाए गए हैं। दोनों पंचायतों में हर साल करीब छह लाख सेब की पेटियों का उत्पादन होता है। 50 करोड़ रुपये का सेब इन दोनों पंचायतों से ही आता है। बागवान यहां पैदा होने वाल सेब दिल्ली व चंडीगढ़ की मंडियों में बेचते हैं।