राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। सीकर में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए रोजगार और कौशल पर जोर दिया।
उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आपने डिग्री तो हासिल की लेकिन डिग्री हासिल करने के बाद आगे क्या करोगे। नौकरी मिली तो मिल जाएगी। बिजनेस करना होगा तो बिजनेस करोगे लेकिन अपन को अच्छी नौकरी और झटपट नौकरी चाहिए। नौकरी मिली तो जल्दी छोकरी भी मिल सकती है, वरना नहीं, यह बात भी ध्यान में रखना।
राज्यपाल ने कहा कि केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि युवाओं के पास कौशल होना जरूरी है। उन्होंने मुख्य रूप से जोर देकर कहा कि युवाओं को रोजगार के साथ-साथ कौशल विकास पर ध्यान देना चाहिए।
ये भी पढ़ें: Rajasthan: झुंझुनू में रिटायर्ड फौजी की हत्या, तनाव को देखते हुए गांव में भारी पुलिस फोर्स तैनात
उन्होंने कहा कि डिग्री लेने के बाद युवाओं को यह सोचना चाहिए कि आगे क्या करना है- नौकरी या व्यवसाय। उन्होंने कहा कि अगर हाथ में हुनर होगा तो व्यक्ति कभी भूखा नहीं रहेगा। राजस्थान को कौशल की भूमि बताते हुए उन्होंने यहां की पारंपरिक कारीगरी और शिल्प कौशल का भी उल्लेख किया।
कार्यक्रम में राज्यपाल ने कहा कि दीक्षांत समारोह किसी यात्रा का अंत नहीं, बल्कि नई शुरुआत है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अपने ज्ञान का उपयोग देश के विकास में करें और समाज के प्रति भी अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
इतिहास का जिक्र करते हुए उन्होंने प्राचीन शिक्षा व्यवस्था की सराहना की और कहा कि पहले गुरुकुलों में व्यावहारिक ज्ञान दिया जाता था। उन्होंने नालंदा और तक्षशिला जैसे प्राचीन विश्वविद्यालयों का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत की शिक्षा परंपरा समृद्ध रही है और इसे फिर से स्थापित करने की जरूरत है।
सीकर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय में आयोजित इस समारोह में राज्यपाल ने अध्यक्षता की। इस दौरान विश्वविद्यालय द्वारा अघोरी शैलेंद्रनाथ को पीएचडी की मानद उपाधि भी प्रदान की गई।