प्रदेश के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा सवाई माधोपुर में निर्माणाधीन राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय का औचक निरीक्षण करने पहुंचे, जहां घटिया निर्माण और खामियों को देखकर वे भड़क उठे। यह मेडिकल कॉलेज राजस्थान राज्य सड़क विकास एवं निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा बनाया जा रहा है।
औचक निरीक्षण के दौरान मंत्री ने निर्माण कार्य में गंभीर खामियां पाईं। उन्होंने मौके पर मौजूद आरएसआरडीसी अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि इस तरह का घटिया निर्माण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंत्री ने अपने सामने ही कुछ ईंट-पत्थर हटवाकर निर्माण की गुणवत्ता की जांच करवाई, जिसमें न तो सीमेंट और बजरी सही मात्रा में मिली और न ही तराई की उचित व्यवस्था पाई गई।
डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि जब सरकार जनता का पैसा दे रही है तो निर्माण कार्य भी टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए। उन्होंने कॉलेज निर्माण की निरंतर मॉनिटरिंग करने के निर्देश उच्च अधिकारियों को दिए और स्पष्ट किया कि लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल केंद्रीय बजट को लेकर प्रेसवार्ता करने सवाई माधोपुर पहुंचे कृषि मंत्री ने पहले कलेक्ट्रेट सभागार में प्रेसवार्ता की। इसके बाद अधिकारियों की बैठक लेकर सरकारी योजनाओं की समीक्षा की और जनसुनवाई में लोगों की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई के दौरान लोगों ने मेडिकल कॉलेज में घटिया निर्माण की शिकायत की, जिस पर मंत्री तुरंत निर्माण स्थल पर पहुंच गए।
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निरीक्षण के दौरान मंत्री की नाराजगी देखकर मौके पर मौजूद उनके समर्थक भी आक्रोशित हो गए। बताया जा रहा है कि इस दौरान आरएसआरडीसी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर राकेश दीक्षित, सहायक अभियंता सुमित मिश्रा और प्रोजेक्ट मैनेजर नवनीत चौहान के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट हुई।
हालांकि इस घटना को लेकर अब तक किसी भी पक्ष की ओर से थाने में कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। आरएसआरडीसी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर राकेश दीक्षित ने आरोप लगाया कि जब मंत्री कॉलेज निरीक्षण के लिए पहुंचे, तब उनके समर्थकों ने उनके और अन्य अधिकारियों के साथ मारपीट की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कॉलेज के प्राचार्य बुद्धिप्रकाश मीणा द्वारा समर्थकों को उकसाया गया था।
राकेश दीक्षित ने बताया कि मारपीट की घटना की जानकारी उन्होंने अपने उच्च अधिकारियों को दे दी है। वहीं इस घटना को लेकर अब तक कोई वीडियो या फोटो सामने नहीं आया है और न ही पुलिस में कोई मामला दर्ज हुआ है। फिलहाल मेडिकल कॉलेज निर्माण में खामियों और मारपीट के आरोपों को लेकर मामला चर्चा में बना हुआ है, जबकि प्रशासन पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट जुटा रहा है।