राजस्थान के कोटा-झालावाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग-52 पर स्थित मंडाना टोल प्लाजा पर रविवार को करणी सेना ने जोरदार धरना प्रदर्शन किया। संगठन ने टोल कर्मचारियों पर अवैध वसूली, वाहन चालकों से अभद्रता और मारपीट के गंभीर आरोप लगाए हैं। करणी सेना का कहना है कि टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में बसे ग्रामीणों से भी जबरन शुल्क वसूला जा रहा है, जबकि नियमों के मुताबिक इन्हें छूट मिलनी चाहिए।
करणी सेना के इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व अध्यक्ष अभिनव सिंह हाड़ा ने किया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता टोल प्लाजा पहुंचे और टोल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मामला तनावपूर्ण होते देख प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया, जिसमें नायब तहसीलदार रेखराज स्वामी और मंडाना थाने के थानाधिकारी अजय शर्मा स्वयं मौके पर मौजूद रहे।
यह भी पढ़ें- Alwar News: सड़क पार कर रही तीन महिलाओं को ट्रक ने कुचला, एक की मौत; दो गंभीर घायल
टोल स्टाफ पर गाली-गलौज और मारपीट के आरोप
करणी सेना का आरोप है कि जब स्थानीय वाहन चालक टोल देने से इनकार करते हैं या नियमों का हवाला देते हैं, तो टोलकर्मी उनके साथ गाली-गलौज करते हैं और कई बार मारपीट तक की नौबत आ जाती है। संगठन ने दावा किया कि ऐसे कई मामलों की जानकारी उन्हें सोशल मीडिया और स्थानीय लोगों से मिली, जिसके बाद विरोध प्रदर्शन का निर्णय लिया गया। करणी सेना ने प्रशासन से मांग की है कि इस टोल प्लाजा पर स्थानीय लोगों को टोल मुक्त किया जाए और टोलकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
टोल प्रबंधन ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
मंडाना टोल के मैनेजर मोहन बैसला ने करणी सेना के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि 20 किलोमीटर के दायरे में आने वाले वाहनों के लिए मासिक पास की व्यवस्था की गई है और पांच पंचायतों को पूर्णतः निशुल्क टोल की सुविधा दी गई है। बैसला ने यह भी कहा कि करणी सेना के कार्यकर्ता बिना टोल दिए वाहनों को पास कराने की मांग कर रहे थे, जो कि एनएचएआई के नियमों के तहत संभव नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई गाड़ियां टोल प्लाजा से बिना भुगतान के निकल जाती हैं, जिससे एनएचएआई को राजस्व में भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
यह भी पढ़ें- Hanumangarh News: नो-पार्किंग और नियम उल्लंघन पर चला यातायात पुलिस का डंडा, 52 ऑटो और ई-रिक्शा जब्त
पुलिस की मध्यस्थता से मामला शांत
मंडाना थाना प्रभारी अजय शर्मा ने जानकारी दी कि करणी सेना की ओर से प्रदर्शन की सूचना पहले ही सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए दी गई थी। इसके मद्देनज़र करीब 50-60 कार्यकर्ताओं की संभावित उपस्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी। प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारियों ने दोनों पक्षों करणी सेना और टोल प्रबंधन से बातचीत की, और साझा समझौते के जरिए मामला शांत करवाया गया। थाना प्रभारी ने यह भी कहा कि अगर भविष्य में कोई ठोस शिकायत सामने आती है, तो उस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।