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Karauli News: पैंथर की दस्तक से ग्रामीण और राहगीरों में दहशत, वन विभाग से की पकड़ने की मांग

Fri, 29 Aug 2025 09:04 PM IST
करौली ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करौली

करौली जिले के सपोटरा उपखंड के नारायणपुर रेलवे स्टेशन–नारौली डांग मुख्य सड़क मार्ग के आसपास बीते कुछ दिनों से पैंथर का मूवमेंट लगातार देखा जा रहा है। पैंथर की आमद से ग्रामीणों और राहगीरों में दहशत का माहौल है।

ग्रामीणों ने बताया कि पहाड़ी वन क्षेत्र, फोंदया का बड़, फूटी खोहरी, मेन रोड अस्पताल, पंचमुखी हनुमान मंदिर और वन पौधशाला क्षेत्र में अक्सर पैंथर दिखाई देता है। रात के समय फोंदया का बड़ रेलवे लाइन की सुरक्षा दीवार पर पैंथर को बैठे हुए देखा गया है। पैंथर लगभग रोजाना शाम ढलते ही मुख्य सड़क के आसपास आकर बैठ जाता है, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रभावित क्षेत्र में 24 घंटे वनकर्मियों की तैनाती की जाए, पिंजरे और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और पैंथर को ट्रैंक्विलाइज कर जंगल में छोड़ा जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।

राहगीरों पर हमले का खतरा
नारौली डांग से नारायणपुर टटवाड़ा रेलवे स्टेशन जाने वाले वाहन चालकों और पैदल यात्रियों पर पैंथर के हमले का खतरा बना हुआ है। इस मार्ग का उपयोग डांग क्षेत्र की ग्राम पंचायत दौलतपुरा, अमरगढ़, कालागुड़ा, गोठरा, मांगरौल, बूकना, गज्जूपुरा, बगीदा, हाडोती, एकट, बड़ौदा, जीरोता, जाखौदा, औडच, जोड़ली, इनायती और चौड़ागांव सहित सैकड़ों गांवों के ग्रामीण, व्यापारी और मजदूर करते हैं। यह पूरा क्षेत्र वनों से घिरा हुआ है, इसलिए रात में आवागमन करने वाले लोगों की जान-माल पर विशेष खतरा रहता है। वन विभाग ने फिलहाल ग्रामीणों को जंगल के रास्तों से बचने और पैंथर मूवमेंट क्षेत्र से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है।

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डंडे के सहारे वनकर्मियों की सुरक्षा
वन विभाग के कर्मचारियों के पास जंगली जानवरों से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। उन्हें केवल डंडों के सहारे अपनी सुरक्षा करनी पड़ती है। इसके बावजूद उन्हें आबादी क्षेत्रों में घुस आए पैंथर जैसे हिंसक वन्यजीवों को पिंजरे में कैद करना पड़ता है। कर्मचारी संघ की ओर से लंबे समय से संसाधन उपलब्ध करवाने की मांग उठाई जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। जानकारी के अनुसार, जयपुर के झालाना लेपर्ड पार्क में रेस्क्यू टीम को वन विभाग की ओर से फुल बॉडी प्रोटेक्टर सूट उपलब्ध कराए गए हैं। यदि करौली जिले में भी ऐसे संसाधन उपलब्ध कराए जाते हैं, तो वनकर्मियों की सुरक्षा और प्रभावशीलता दोनों में इजाफा होगा।

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