फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rajasthan Politics: आखिर क्या हैं पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के बयान के मायने? क्यों जोर पकड़ रही ये अटकलें

Tue, 02 Sep 2025 01:04 PM IST
जोधपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर

पिछले कई दशकों से पूर्व सीएम अशोक गहलोत और पूर्व सीएम वसुंधरा राजे सिंधिया का मरुधरा की सियासत पर बड़ा प्रभाव रहा है। चाहे वो सत्ता में हों या विपक्ष में उनके हर एक बयान प्रदेश में सियासत का रुख तय करते हैं। शायद इसीलिए दोनों ही पार्टियां इनका लोहा मानती हैं। इनके प्रभाव के बिना यहां सियासी चौसर बिछाना आसान नहीं है। 

ऐसे में अब पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के एक बयान ने उन अटकलें को अब और तेज कर दिया है, जिनमें यह कहा गया कि संगठन में उनको बड़ा पद दिया जा सकता है। जहां एक तरफ भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर चर्चाएं तेज हो रही हैं। वहीं, वसुंधरा राजे के बयान से सियासत गरमा गई है। दरअसल, राजे ने जोधपुर में मीडिया से बात करते हुए कहा कि ईश्वर पर अटूट विश्वास से किसी भी कार्य को पूरा किया जा सकता है। भले ही देर से हो... ऐसे में कौन सा वो काम है? जब वह पूरा होने जा रहा है।

'वनवास एक दिन खत्म हो ही जाता है'
इससे पहले राजे ने एक धार्मिक कार्यक्रम में बयान देते हुए कहा था कि वनवास एक दिन खत्म हो ही जाता है। अब दोनों ही बयान को जोड़कर देखा जा रहा है। क्या संगठन में राजे को बड़ा पद दिया जाएगा यह एक बड़ा सवाल है? पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने इस अवसर पर बाबा रामदेव दशमी, वीर तेजाजी दशमी और 363 शहीदों को याद करते हुए खेजड़ली मेले की प्रदेशवासियों को बधाई दी। उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि बिश्नोई समाज द्वारा आयोजित किए जाने वाले खेजड़ली मेले, बाबा रामदेव मेले, और वीर तेजाजी महाराज के मेले की सभी को बधाई।

ये भी पढ़ें- Jaipur Income Tax Raid: यहां चला आयकर विभाग का हथौड़ा, रियल एस्टेट और पान मसाला कंपनियों पर बड़ी कार्रवाई जारी

'राजस्थान एक परिवार है'
राजे ने कहा कि हमारी यही कामना है कि राजस्थान को मजबूत सशक्त सुखी और समृद्ध बनाएं। इसमें सब लोग खुश हों। उन्होंने आगे कहा कि मेरी शुरुआत बाबा राम सा पीर से ही हुई है। हमने हमेशा से यह कहा है कि राजस्थान एक परिवार है, राजस्थान में सभी मजहब और जाति के लोग प्रेमभाव से रहें। प्रदेश में जब सब मिलकर काम करें तो प्रदेश आगे बढ़ेगा। हम लड़ेंगे, तो हम अलग होंगे। मेरा प्रयास है कि दशमी के दिन मैं वहां जाऊं और दर्शन करूं। उन्होंने ने हीं मेरी यात्रा शुरू की है।

प्रभु के चरणों में शीश नवाते हैं, तो हमेशा कामना पूरी होती है, हो सकता है थोड़ी देर लगे पर मन में हमेशा विश्वास रखना चाहिए। ईश्वर पर अटूट विश्वास रखते हुए किसी भी कार्य को शुरू किया जाएगा, तो वह कार्य होकर रहेगा। राजे के इस बयान के बाद सियासी बयार तेज हो गई है। खैर अब आने वाला वक्त ही बताएगा कि राजे का सियासत में एक बार फिर से कद बढ़ेगा या पद?

ये भी पढ़ें- BJP vs CONG: 'वोट चोरी' विवाद पर अमित मालवीय ने राहुल गांधी को घेरा, दावा- पवन खेड़ा के दो EPIC; जानिए मामला



 

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें