शहर में दिनदहाड़े हुए युवक अपहरण मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच के दौरान दो पुलिस कांस्टेबलों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर पुलिस आयुक्त ने दोनों को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। वहीं इस सनसनीखेज वारदात में शामिल पांच आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अपहृत युवक को भी डिटेन कर पूछताछ की जा रही है।
डीसीपी (ईस्ट) पीडी नित्या ने बताया कि 29 जनवरी को खांडा फलसा थाना क्षेत्र में मेड़ती गेट निवासी मोहम्मद उमर के 18 वर्षीय बेटे मनान का दोपहर करीब 12 बजे अपहरण कर लिया गया था। पिता ने रिपोर्ट में बताया कि मनान स्कूल के पास शनिश्चर जी के थान की ओर चाय पीने जा रहा था। इसी दौरान एक सफेद रंग की बलेनो कार वहां आकर रुकी, जिसमें सवार 4-5 युवकों ने उसका मुंह कपड़े से बांधा और जबरन गाड़ी में डालकर फरार हो गए। घटना की सूचना मनान के साथी राकिब ने दी, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर शहरभर में नाकाबंदी कर जांच शुरू की।
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तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस को अहम सुराग मिले। जांच में सामने आया कि सिवांची गेट निवासी फैजान शाह (20), राकिब (20), आसिफ अली (24), कमलेश कुमार (23) और भावेश पटेल (18) इस वारदात में शामिल थे। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि दोनों पक्ष पहले से एक-दूसरे को जानते थे और उनके बीच रुपए के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते अपहरण की साजिश रची गई थी।
जांच के दौरान यह भी पता चला कि खांडा फलसा थाने में तैनात कांस्टेबल परसाराम (बेल्ट नंबर 2553) और कांस्टेबल जगदीश (बेल्ट नंबर 1663) लगातार आरोपी राकिब के संपर्क में थे। उनकी भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर पुलिस आयुक्त ने दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान दोनों का मुख्यालय पुलिस लाइन जोधपुर रहेगा। मामले की विभागीय जांच जारी है।