जालौर जिला मुख्यालय पर जवाई नदी के पानी और बीमा क्लेम की लंबित राशि किसानों को दिलाने सहित मांगों को लेकर किसानों का 9 दिन से चल रहा धरना आज भी जारी रहा। जिला मुख्यालय पर धरने के तहत नौवें दिन किसानों ने जालौर शहर को बंद रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू किया। किसानों की मांग है कि जिले की जवाई बांध के पानी पर जालौर जिले का एक-तिहाई हक तय किया जाए और जवाई के पानी पर जालौर की पहली प्राथमिकता हो। इसके अलावा पटवार मंडलों के अटके पड़े लंबित किसानों के बीमा क्लेम समय पर निपटारा किया जाए।
9 दिन से चल रहे इस धरने के चलते आज किसानों ने आंदोलन को तेज कर दिया है, जिसमें जिले के आहोर, बागोड़ा, सायला, जालौर, भीनमाल सहित अन्य जगहों से बड़ी संख्या में पहुंचे किसान आंदोलन में शामिल हुए हैं। किसानों ने हरिदेव जोशी सर्कल और अस्पताल चौराहे पर टायर जलाकर प्रदर्शन किया और इसके बाद जालौर से निकलने वाले बाड़मेर-जोधपुर हाईवे पर पहुंचकर रास्ता जामकर कर दिया हालांकि पुलिस व प्रशासन ने समझाइश करके रास्ते को खुलवा दिया। किसानों का कहना है कि 9 दिन बीत जाने के बाद भी किसानों से वार्ता के लिए कोई नहीं आया है, ऐसे में किसानों में आक्रोश व्याप्त है।
बता दें कि किसानों के इस धरने को 30 से अधिक सामाजिक संगठनों एवं विभिन्न समाजों में समर्थन दिया है। कई व्यापारिक संगठन भी किसानों के समर्थन में आए हैं। किसानों के बंद के आह्वान पर आज जालौर शहर पूरी तरह बंद है, जिसमें आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर सब्जी मंडी सहित अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठान भी बंद रखे गए हैं। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जाता है तो आंदोलन को और भी उग्र किया जाएगा। धरने को लेकर जिला प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है जगह-जगह पर पुलिस की ओर से प्रदर्शन को लेकर निगरानी रखी जा रही है।