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जैसलमेर में हाईअलर्ट: एयर स्ट्राइक की सूचना पर प्रशासनिक अमला हुआ एक्टिव, बचाव कार्य का प्रदर्शन रहा सफल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर Updated Wed, 07 May 2025 09:09 PM IST

जैसलमेर शहर में बुधवार शाम को एक वृहद स्तर की मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपदा प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और विभिन्न विभागों के बीच आपसी तालमेल की तैयारियों को परखना था। शाम ठीक 4 बजे जैसे ही सायरन बजा, पूरा प्रशासनिक तंत्र सतर्क हो गया और तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन की कार्यवाही शुरू हो गई।

मॉक ड्रिल के तहत परिकल्पना की गई थी कि जैसलमेर के प्रसिद्ध सोनार किले (जैसलमेर किला) के पास स्थित शिव रोड पर एक होटल पर एयर स्ट्राइक हो गई है। इस काल्पनिक हमले में होटल को गंभीर क्षति पहुंची, जिससे तीन लोगों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हुए। घटना की सूचना मिलते ही सायरन की तेज आवाजें गूंजने लगीं, जिससे समूचे क्षेत्र में एक क्षण के लिए वास्तविक आपदा जैसी स्थिति बन गई।

जैसे ही सायरन बजा, जिला प्रशासन की टीम, एसडीआरएफ (राज्य आपदा मोचन बल), फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस सेवाएं, पुलिस बल, स्वास्थ्य विभाग, नगर परिषद, स्काउट-गाइड, नेहरू युवा केंद्र, होमगार्ड और अन्य विभाग सक्रिय हो गए। सभी संबंधित एजेंसियां निर्धारित समय के भीतर घटनास्थल पर पहुंच गईं और बचाव कार्य में जुट गईं। आग पर काबू पाने के लिए फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियों ने तत्परता से कार्य किया, जबकि स्वास्थ्य विभाग की एम्बुलेंस टीम ने घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।

प्रशासनिक तालमेल का बेहतरीन प्रदर्शन
इस अभ्यास में विभिन्न विभागों के बीच सामंजस्य और त्वरित प्रतिक्रिया देखने को मिली। एक ओर जहां पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर सुरक्षा सुनिश्चित की, वहीं दूसरी ओर एसडीआरएफ और फायर ब्रिगेड की टीमों ने घायलों को मलबे से निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। होटल में लगी आग को बुझाने के लिए विशेष अग्निशमन तकनीकों का उपयोग किया गया, जिससे आग पर जल्द नियंत्रण पा लिया गया।

पढ़ें: प्रदेश के सबसे बड़े प्रोजेक्ट रिफाइनरी पर अटैक, फायर ब्रिगेड से लेकर कलेक्टर तक पहुंचे मौके पर    

सामाजिक संगठनों की भी रही सक्रिय भूमिका
इस मॉक ड्रिल में सामाजिक संगठनों की भी सक्रिय भागीदारी रही। स्काउट-गाइड, एनसीसी कैडेट्स, नेहरू युवा केंद्र के स्वयंसेवकों और होमगार्ड्स ने आम जनता को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, भीड़ को नियंत्रित करने और लोगों को आपदा की स्थिति में सतर्कता बरतने हेतु जागरूक किया। लोगों को यह भी बताया गया कि आपात स्थिति में उन्हें क्या करना चाहिए और किस तरह प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए।

कलेक्टर ने दी मॉक ड्रिल की सफलता पर प्रतिक्रिया
जिला कलेक्टर प्रताप सिंह ने घटनास्थल पर पहुंचकर मॉक ड्रिल का निरीक्षण किया और सभी संबंधित विभागों की तत्परता की सराहना की। उन्होंने कहा, यह मॉक ड्रिल हमारी तैयारियों की एक झलक है। आज हमने देखा कि किस तरह सभी विभाग समय पर पहुंचकर तालमेल के साथ काम करते हैं। किसी भी आपदा या आतंकी हमले जैसी गंभीर स्थिति से निपटने के लिए हमारी टीम पूरी तरह से तैयार है।

SDRF अधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने भी की समीक्षा
एसडीआरएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने मॉक ड्रिल के बाद प्रेस को बताया कि इस तरह के अभ्यास नियमित अंतराल पर होते रहने चाहिए ताकि आपदा के समय कोई भी विभाग चूक न करे। वहीं पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके को तत्काल सील कर लिया और संभावित खतरे को निष्क्रिय करने की कार्यवाही की।

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