राजस्थान के जालोर जिले में कारोबारी नरेंद्र पुरोहित रहते हैं। वह पिछले कई वर्षों से एक गोशाला से जुड़े हुए हैं। नरेंद्र गोशाला में जाकर गायों की सेवा करते थे और जितना संभव हो सके गोशाला के लिए योगदान भी देते थे। एक दिन श्री दंतशरणानंद महाराज ने नरेंद्र से कहा कि गोशाला से एक बछिया गोद ले लो। नरेंद्र ने महाराज की आज्ञा का पालन किया और एक दो वर्ष की बछिया घर ले आए। नरेंद्र और उनके परिवार के सदस्यों ने उसका नाम राधा रखा। राधा के आने के बाद उनके जीवन में बड़े बदलाव हुए। नरेंद्र का कारोबार तेजी से आगे बढ़ने लगा। परिवार की अन्य समस्याएं भी दूर हो गई।
नरेंद्र का परिवार राधा की विशेष देखभाल करता है। उसे खाने में देसी घी के लड्डू दिए जाते हैं। साथ ही सूखा चारा भी खिलाया जाता है। इनता ही नहीं राधा नरेंद्र के परिवार के साथ उनके एक करोड़ के बंगले में रहती है और खाना भी उनके साथ ही खाती है। नरेंद्र पुरोहित के परिवार में उनकी पत्नी विमला पुरोहित, दो बेटे परेश व अभिजीत और दो बेटियां सपना व निकिता हैं। सभी मिलकर रोजाना राधा की आरती करते हैं। नरेंद्र मुंबई में बीएमसी में कांट्रैक्टर (ठेकेदार) हैं। उनका इलेक्ट्रिक टू व्हीकल्स की मैन्युफैक्चरिंग का करोबार है। जिसके सिलसिले में नरेंद्र को अक्सर शहर के बाहर जाना पड़ता है। नरेंद्र घर में हो या बाहर राधा के दर्शन किए बिना भोजन तक नहीं करते हैं, घर से बाहर होने पर वह वीडियो कॉल कर राधा को देखते हैं।