हथकरघा दिवस के अवसर पर सरहदी बाड़मेर जिले के युवा बुनकर बरीगाराम को शुक्रवार को नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। उन्होंने वर्ष 2025 का प्रतिष्ठित राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार प्राप्त कर जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया। युवा बरीगाराम की इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उन्हें बधाई दी।
बाड़मेर की सदियों पुरानी पट्टू कला को दिलाई नई पहचान
जिले के सेड़वा क्षेत्र की आलिसरो की बस्ती निवासी बरीगाराम ने बाड़मेर की पारंपरिक पट्टू बुनाई कला को नया आयाम दिया है। उन्होंने सदियों पुरानी इस कला को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई। बरीगाराम बचपन से ही परिवार में सिलाई और हथकरघा का काम देखते हुए बड़े हुए। शुरुआत में उन्होंने कुर्ते और दुपट्टे बनाए, लेकिन बाद में पट्टू साड़ी पर फोकस करते हुए उसमें नए प्रयोग किए।
पट्टू कपड़े को पहली बार साड़ी के रूप में बुना
बरीगाराम ने पारंपरिक पट्टू कपड़े को पहली बार साड़ी के रूप में बुना। इसमें उन्होंने आधुनिक डिजाइन और आकर्षक रंगों का समावेश किया। उनके इस नवाचार को पहचान मिली और वर्ष 2025 में उनकी खास डिजाइन वाली पट्टू साड़ी को वस्त्र मंत्रालय ने राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार के लिए चुना।
राष्ट्रपति भवन में मिला राष्ट्रीय सम्मान
नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में शुक्रवार को आयोजित 12वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बाड़मेर के युवा बुनकर बरीगाराम को प्रतिष्ठित राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार प्रदान किया। राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलने के बाद उनके परिवार के साथ-साथ बाड़मेर और पूरे प्रदेश में खुशी की लहर है।
'राजस्थान के लिए गर्व का विषय'
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से बाड़मेर के युवा बुनकर बरीगाराम को राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार से सम्मानित किया जाना पूरे प्रदेशवासियों के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने बरीगाराम को इस उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं।