28 जनवरी को हुई कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत का मामला चर्चाओं में बना हुआ है। साध्वी की मौत के कारणों का रहस्य घटना के दिन से ही बना हुआ है। इधर साध्वी के पैतृक गांव में मंगलवार को समाधि पूजन की रस्म पूरी की गई। साथ ही बेटी के वियोग में अन्न-जल त्यागे बैठे पिता वीरम नाथ को संतों ने दूध पिलाकर उनका संकल्प तुड़वाया। इस दौरान संत समाज ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।
प्रेम बाईसा को संतों ने बताया सनातन की बेटी
जिले के परेऊ गांव स्थित शिव शक्ति धाम में साध्वी प्रेम बाईसा की समाधि का विधिवत पूजन किया गया। इस दौरान बड़ी साधु-संतों, महात्माओं और बड़ी संख्या में अनुयायियों की मौजूदगी ने पूरे माहौल को भावुक कर दिया। पगड़ी रस्म के साथ संतों ने समाधि स्थल पर पहुंचकर साध्वी प्रेम बाईसा को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। इस दौरान संतों ने साध्वी प्रेम बाईसा को याद करते हुए कहा कि वह केवल एक व्यक्ति की बेटी नहीं बल्कि सनातन की बेटी थी।
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तुड़वाया पिता का संकल्प
संतों ने दिवंगत साध्वी प्रेम बाईसा की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की और एक स्वर में पुलिस और प्रशासन से इस मामले में निष्पक्ष जांच करके मामले का खुलासा करने की मांग की। इस साथ ही संतों ने बेटी के वियोग में अन्न-जल त्यागे बैठे पिता वीरमनाथ को ढांढस बंधाते हुए समझाईश करके दूध पिलाकर संकल्प तुड़वाया। साध्वी प्रेम बाईसा को श्रद्धांजलि देते हुए पूरननाथ महाराज ने बताया कि संप्रदाय के अनुसार समाधि पूजन किया गया। जिसमे क्षेत्र के संत शामिल हुए है। उन्हें साध्वी प्रेम बाईसा की समाधि पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।