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Rajasthan Assembly: विधानसभा में विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने इन-इन मुद्दों पर सरकार को घेरा, दागे सवाल; वीडियो

Wed, 28 Jan 2026 08:29 PM IST
बाड़मेर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेर

राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन शिव से विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने मीडिया से बातचीत करते हुए प्रदेश से जुड़े कई गंभीर जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया और सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए। विधायक भाटी ने हाल ही में सामने आए ओएमआर शीट प्रकरण पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश में लगातार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवा पहले से ही पेपर लीक जैसे गंभीर संकटों से जूझ रहे हैं और अब ओएमआर शीट से जुड़े मामले यह दर्शाते हैं कि व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा चुकी हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, “जब बाड़ ही खेत को खाने लगे, तो फिर खेत की रक्षा कौन करेगा?” भाटी ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकारें बारी-बारी से युवाओं के भविष्य को राजनीतिक फुटबॉल बना रही हैं। जल जीवन मिशन की स्थिति पर जताई चिंता
जल जीवन मिशन की स्थिति पर चिंता जताते हुए विधायक भाटी ने पश्चिमी राजस्थान का उदाहरण पेश किया। उन्होंने कहा कि वे उस क्षेत्र से आते हैं, जहां पानी को घी से भी अधिक अमूल्य माना जाता है, लेकिन आज उसी पश्चिमी राजस्थान में जल जीवन मिशन की हालत बेहद खराब है। उन्होंने बताया कि इस योजना के क्रियान्वयन में राजस्थान देश में 32वें स्थान पर है, जबकि बाड़मेर जिला प्रदेश में अंतिम पायदान पर है। भाटी के अनुसार, आज भी जिले के लगभग 80 प्रतिशत घरों तक नल से जल नहीं पहुंच पाया है। सदन में विशेष चर्चा की मांग
विधायक भाटी ने कहा कि इन सभी मुद्दों पर विधानसभा में गंभीर और विस्तृत चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने मीडिया के माध्यम से माननीय विधानसभा अध्यक्ष से आग्रह किया कि पेपर लीक, ओरण संरक्षण, जल जीवन मिशन, रोजगार, बढ़ते अपराध और खेजड़ी संरक्षण जैसे विषयों को सदन में विशेष चर्चा के लिए शामिल किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षा व्यवस्था पर भी व्यापक विमर्श की आवश्यकता जताई। स्वास्थ्य सेवाओं पर भी उठाए सवाल
स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर बोलते हुए विधायक भाटी ने कहा कि जैसलमेर और बाड़मेर जैसे विशाल भौगोलिक क्षेत्रों में आज तक एक भी बर्न यूनिट उपलब्ध नहीं है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बदहाल स्थिति में हैं और प्रदेश के ट्रॉमा सेंटर स्वयं ही ट्रॉमा की स्थिति में हैं।

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पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर सरकार के रुख पर सवाल उठाते हुए भाटी ने कहा कि पश्चिमी राजस्थान में ओरण, गोचर भूमि और खेजड़ी जैसे जीवनदायी वृक्षों को लगातार समाप्त किया जा रहा है, लेकिन इस पर सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस और प्रभावी नीति सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि पश्चिमी राजस्थान के युवा जैसलमेर से जयपुर तक पदयात्रा करने को मजबूर हैं, जबकि ऐसी परिस्थितियां कभी उत्पन्न ही नहीं होनी चाहिए थीं। जनता के हित में ईमानदार संवाद की जरूरत
विधायक भाटी ने अंत में कहा कि केंद्र और राज्य, दोनों ही सरकारें बारी-बारी से युवाओं, शोषितों और वंचित वर्गों के साथ अन्याय कर रही हैं और अब तक इन ज्वलंत मुद्दों पर खुलकर संवाद करने से बचती रही हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यदि इन विषयों पर ईमानदारी से चर्चा होगी, तो उसका सीधा लाभ प्रदेश की जनता को मिलेगा और यही लोकतंत्र की सच्ची जीत होगी।

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