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Barmer: जिले में बिजली व्यवस्था ठप, ग्रामीणों की परेशानी पर रविंद्र सिंह भाटी ने दिया अल्टीमेटम; देखें वीडियो

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेर Updated Mon, 08 Jun 2026 10:08 PM IST

बाड़मेर में पिछले सप्ताह आई तेज आंधी, बारिश और तूफान के बाद चरमराई विद्युत व्यवस्था अब एक बड़ा जन मुद्दा बनती जा रही है। कई इलाकों में अब भी गिरे हुए विद्युत पोल और बाधित बिजली आपूर्ति के कारण आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर स्थिति को लेकर शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने जिला प्रशासन और विद्युत विभाग की कार्यशैली पर कड़ा रुख अपनाते हुए सार्वजनिक रूप से चिंता जताई है।

विधायक भाटी ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदा के एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कई स्थानों पर गिरे हुए विद्युत पोल अब भी यथास्थिति में पड़े हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति प्रशासनिक उदासीनता और लापरवाही को दर्शाती है, जो किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है।
भाटी ने आरोप लगाया कि बुनियादी सुविधाओं की बहाली में हो रही देरी से आमजन का जीवन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती के कारण पेयजल आपूर्ति, कृषि कार्य और दैनिक जीवन बाधित हो रहा है, वहीं शहरी क्षेत्रों में भी व्यापारिक गतिविधियों और घरेलू कार्यों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

भाटी ने यह भी कहा कि गिरे हुए विद्युत पोल और खुले पड़े तार जनसुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुके हैं। ऐसी स्थिति में किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है, जिसके लिए सीधे तौर पर प्रशासन और संबंधित विभाग जिम्मेदार होंगे। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि इस विषय को प्राथमिकता में लेते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

विधायक ने कहा कि आपदा के बाद राहत और पुनर्स्थापन कार्यों में तेजी लाना प्रशासन की पहली जिम्मेदारी होती है, लेकिन वर्तमान हालात यह दर्शाते हैं कि जिम्मेदार विभाग इस दिशा में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। उन्होंने विद्युत विभाग से क्षतिग्रस्त पोलों को हटाकर नए पोल स्थापित करने तथा बाधित विद्युत आपूर्ति को शीघ्र सुचारु करने की मांग की।

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उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आगे की स्थिति और उसके परिणामों के लिए जिला प्रशासन और विद्युत विभाग स्वयं जिम्मेदार होंगे। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि आवश्यकता पड़ने पर इस मुद्दे को और व्यापक स्तर पर उठाया जाएगा।

 

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