बांसवाड़ा जिले की आनंदपुरी थाना पुलिस ने जाली नोट मामले में एक और बड़ी सफलता प्राप्त की है। पुलिस ने गत दिनों गिरफ्तार एक आरोपी से 15 हजार रुपये के जाली नोट बरामद किए हैं। वहीं, एक अन्य आरोपी की सूचना पर दो प्रिंटर भी बरामद किए हैं। मामले में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और उनके कब्जे से एक लाख 61 हजार 300 रुपये के जाली नोट बरामद किए हैं।
पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाल ने बताया कि गत 18 मार्च को मुखबिर की सूचना पर आनंदपुरी थाना क्षेत्र के धूलियागढ़ गांव में एक व्यक्ति महेश कटारा के घर छापा मारा था। पुलिस ने घर से एक लाख 39 हजार 300 रुपये के जाली नोट बरामद किए थे, जो 100, 200 और 500 की रेंज के थे। पुलिस ने उसी दिन महेश के घर से जाली नोट छापने में प्रयुक्त प्रिंटर भी बरामद किया था।
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आनंदपुरी थानाधिकारी कपिल पाटीदार ने बताया कि बुधवार को सुखराम पुत्र खेमजी तंबोलिया निवासी खूंटागलिया को गिरफ्तार किया। इस प्रकरण में 18 मार्च से दो अप्रैल की अवधि में 10 आरोपी गिरफ्तार किए हैं। उन्होंने बताया कि मामले में पूर्व में गिरफ्तार नौ आरोपियों से पूछताछ के बाद कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए जाली नोट बरामद किए थे। मुख्य आरोपी महेश ने रमेशचंद्र नामक आरोपी के माध्यम से दो लाख रुपये के जाली नोट कमलेश तंबोलिया निवासी खूंटागलिया से प्राप्त किए थे। कमलेश ने पूछताछ में बताया कि उसने यह नोट सुखराम के साथ मिलकर प्रिंट किए थे।
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गुजरात में भी प्रिंट किए जाली नोट
थानाधिकारी पाटीदार ने बताया कि पूछताछ में सामने आया है कि कमलेश और सुखराम ने गुजरात के झालोद और दाहोद में अलग-अलग जगह लाखों में जाली नोट छापे थे, जिसमें से दो लाख के जाली नोट कमलेश ने रमेशचंद्र के माध्यम से महेश तक पहुंचाए थे। करीब तीन लाख रुपये के जाली नोट सुखराम के पास होना बताया गया है, जिसकी बरामदगी शेष है। इसके अलावा कमलेश की सूचना पर पुलिस ने गुजरात के दाहोद से जाली नोट छापने में प्रयुक्त दो प्रिंटर भी बरामद किए हैं। उन्होंने बताया कि इस मामले में बड़े अंतरराज्यीय संगठित गिरोह के सम्मिलित होने की पूरी संभावना है। पुलिस टीम मामले के अनुसंधान में जुटी हुई है।