विशिष्ट न्यायाधीश पोक्सो अधिनियम संख्या-4 हिंमाकनी गौड ने आरोपी को अपनी पुत्री से दुष्कर्म का दोषी मानते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास व 75 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। विशिष्ट लोक अभियोजक प्रशान्त यादव ने बताया कि प्रकरण में पीड़िता की मां ने टपूकड़ा थाने में अप्रैल 2024 में एक रिपोर्ट इस आशय की पेश की थी कि उसका पति उसकी नाबालिग बेटी के खाने में नशे की दवाइयां मिलाकर और जान से मारने की धमकी देकर जबरदस्ती उसके साथ कई बार दुष्कर्म करता रहा है।
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मामले में तत्कालीन थानाधिकारी भगवान सहाय द्वारा गहन एवं विस्तृत अनुसंधान के पश्चात आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया गया। अदालत में अभियोजन पक्ष की तरफ से 14 गवाहों को परीक्षित तथा 20 दस्तावेजों को प्रदर्शित करवाया गया। विचारण के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि अभियुक्त ने घटना के बाद पीड़िता की मां को छोड़कर दूसरा निकाह भी कर लिया। न्यायालय द्वारा दोनों पक्षों को सुनवाई का पर्याप्त अवसर देने के उपरांत पॉक्सो अधिनियम के अपराधों के लिए आरोपी को उक्त सजा सुनाई है।