अलवर जिले के नौगांव थाना क्षेत्र का गांव तेलियाबास तगड़ा सुर्खियों में है। पुलिस एक साइबर अपराधी की लोकेशन पर इस गांव में गई थी कि तभी एक बच्ची की मौत पुलिस के लिए जी का जंजाल बन गई। गांव वालों और परिवारजनों का आरोप है कि बच्ची की मौत पुलिस कर्मियों के पैरों तले कुचले जाने से हुई है, जबकि पुलिस इस बात से इनकार कर रही है।
जानकारी के अनुसार पुलिस कुछ दिन पहले साइबर के आरोपी को पकड़ने के लिए तेलियावास गई हुई थी। आरोप है कि वहां पर एक मासूम की जान पुलिस के पैरों के नीचे दबने से हो गई। इस बात को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी में भारी आक्रोश है। उन्होंने इसके लिए जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन भी दिया है और कार्रवाई करने की मांग की। इसी के तहत आज जिला कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष योगेश मिश्रा ने फूल बाग में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की।
उन्होंने कहा कि 9 मार्च को इस घटना को लेकर कांग्रेस कमेटी द्वारा शहर के नंगली सर्किल पर प्रदर्शन किया जाना था और जिला पुलिस अधीक्षक के निवास का घेराव किया जाना था। जिसमें कांग्रेस के कई हजारों कार्यकर्ता इस प्रदर्शन में मौजूद रहने थे। उससे पहले राजस्थान के DGP ने पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह से इस मामले पर चर्चा की और धरना स्थगित करने के लिए कहा। कांग्रेस ने कहा की यह धरना तभी स्थगित होगा, जब पूरे मामले की जांच की जाएगी। मामले को लेकर जिला पुलिस अधीक्षक ने नौगांव थाना प्रभारी अजीत सिंह को तुरंत प्रभाव से नौगांव थाने से हटाकर अलवर जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में लगा दिया और मुख्यालय से इस मामले की जांच नीमराणा के एडिशनल एसपी और भिवाड़ी की एसपी को सौंपी गई है।
इस घटना के बारे में योगेश मिश्रा ने कहा अगर आने वाले समय में सरकार और पुलिस इस पूरे मामले की जांच नहीं करेगी तो कांग्रेस पार्टी सड़कों पर उतरेगी और आंदोलन करेगी। इस गांव में अब तक कई बड़े नेता भी पहुंच चुके हैं। सभी ने बच्ची की मौत का दोष पुलिस पर ही डाला है। इस दौरान जिलाध्यक्ष के साथ पूर्व मंत्री शकुंतला रावत ओर रामगढ़ से चुनाव लड़े आर्यन जुबेर खान तथा कई नेता भी मौजूद थे।