अलवर के जिला अस्पताल में महिला चिकित्सालय के पालन गृह में एक अज्ञात महिला सामाजिक डर से अपनी एक नवजात बच्ची को पालने में पटक गई। यह बच्ची एक दिन पहले ही जन्मी लगती है। डॉक्टरों का कहना है कि बच्ची एक ही दिन पहले जन्मी है। लेकिन अभी जीवित और ठीक- ठाक है।
चूंकि, बच्ची समय से पहले पैदा हो गई। इसलिए उसका उपचार किया जा रहा है। ठीक होने पर उसे सीडब्ल्यूसी को सुपुर्द कर दिया जाएगा। इस बच्ची को उसकी मां इसलिए भी छोड़ कर चली गई, क्योंकि वह समाज से डर गई। यदि समाज का मुकाबला करने की जरा भी हिम्मत होती तो शायद वह ऐसा कदम नहीं उठाती।
जानकारी के अनुसार, शिशु चिकित्सालय प्रभारी महेश शर्मा का कहना है कि महिला अस्पताल के पालन गृह में कोई अज्ञात महिला एक बच्ची को छोड़ कर चली गई। यह बच्ची एक दिन पहले ही पैदा हुई है। क्योंकि बच्ची काफी प्री-मेच्योर स्थिति में है। इस नवजात प्री-मेच्योर बच्ची जिसको देखने से लगता है कि वह एक दिन पहले ही जन्मी हो उसको पालने में छोड़ कर कोई महिला चुपचाप वहां से चली गई।
जब पालने में कोई बच्चा रखा जाता है तो ठीक दो मिनट बाद एक बेल बजती है, जिससे वहां मौजूद स्टॉफ को पता लग जाता है। जैसे ही बेल बजी तो स्टॉफ को पता लगा और बच्ची को उठाकर तुरंत शिशु चिकित्सक को दिखाया गया। इसके बाद बच्ची को डॉक्टर की सिफारिश पर एसएनसीयू वार्ड में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। वहीं, चिकित्सक ने बताया कि यह बच्ची समय से पहले जन्मी है और इसका वजन भी काफी कम है, जिसका अभी उपचार किया जा रहा है। इसके स्वस्थ होने पर इसे CWC को सपुर्द कर दिया जाएगा।