अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ में एक दिन पहले 11 केवी बिजली लाइन की चपेट में आने से दो कांवड़ियों की मौत हो गई थी। साथ ही गई कांवड़िए झुलस गए थे। मामले में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने तत्परता दिखाते हुए वन मंत्री संजय शर्मा से घटना का अपडेट लिया। संजय शर्मा स्टेट वेटलैंड अथॉरिटी की बैठक में थे, तुरंत बैठक छोड़कर अलवर के लिए रवाना हो गए और अस्पताल प्रशासन से पल-पल की जानकारी ली, जो मुख्यमंत्री तक पहुंचाई जा रही थी। मुख्यमंत्री ने इलाज में लापरवाही न बरतने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने गढ़ी सवाईराम मार्ग जाम कर दिया जो करीब दो घंटे से अधिक समय तक चला। ग्रामीण मृतकों ओर घायलों को उचित मुआवजा देने और विद्युत विभाग के क्षेत्रीय जेईएन ओर लाइनमैन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे। मंत्री संजय शर्मा के वहां पहुंचने के बाद प्रशासन ओर ग्रामीणों के बीच दो घंटे की वार्ता हुई, जिसमें ग्रामीणों की सभी मांगें मान ली गयी। उनके बीच यह सहमति बनी कि मृतकों के परिजनों को विद्युत निगम से 5-5 लाख रुपये और दुर्घटना बीमा योजना से 5-5 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्णय लिया गया।
लाइनमैन को सस्पेंड और जेईएन के खिलाफ कार्रवाई होगी। बाद में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए जेईएन को भी सस्पेंड कर दिया। लगभग चार घंटे बाद लक्ष्मणगढ़-गढ़ी सवाईराम मार्ग खोला गया। इस अवसर पर वहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। हादसा तब हुआ जब कांवड़ यात्रा के दौरान झूलते बिजली तार मिनी ट्रक से टकराया, जिससे करंट फैल गया। कई कांवड़िए और ग्रामीण, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, घायल हुए, और गंभीर घायलों को अलवर ओर जयपुर के जिला अस्पताल रेफर किया गया। इसके अलावा कितने ही लोगो को बीचगावा सीएचसी अस्पताल में भी भर्ती किया गया है जिनसे मंत्री संजय शर्मा ने मिल कर उनके हाल चाल जाने।