रेलवे जंक्शन पर आमतौर पर लगने वाले जाम की समस्या को लेकर अलवर प्रशासन ने रोडवेज बसों ओर भारी वाहनों को रेलवे स्टेशन होकर जाने पर रोक लगा दी है। इस रोड का यातायात भी बदल दिया गया है। इस रोड से जाने वाले भारी वाहनों को अब बिजली घर चौराहे से होकर वापस स्टेशन रोड होकर जाना पड़ेगा। इससे कोई भी वाहन रेलवे स्टेशन के बाहर से नहीं जा सकेगा।
अलवर रेलवे जंक्शन के विस्तार का कार्य बार-बार जाम लगने से बाधित होने के कारण प्रशासन ने रोडवेज सहित अन्य भारी वाहनों को जंक्शन से नहीं जाने देने का फैसला लिया है। इन भारी वाहनों के लिए एसएमडी सर्किल से नंगली सर्किल और बिजलघर चौराहे के बाद वापस स्टेशन रोड से तिजारा और बहरोड रूट की बसों को निकाला जाएगा। फिलहाल 19 दिसंबर तक इसे ट्रायल पर लिया है। व्यवस्था सुधरने पर आगे तय होगा। इसको लेकर गुरुवार शाम को एडीएम और एएसपी सहित अन्य अधिकारियों की टीम ने मौका भी देखा है। एडीएम मुकेश कायथवाल ने बताया कि अभी ट्रायल के तौर पर भारी वाहनों का रूट बदल रहे हैं। मत्स्य आगार के मुख्य प्रबंधक पवन कटारा का कहना है कि बहरोड़ और दिल्ली रूट की बसों का मार्ग जिला प्रशासन के आदेश के बाद बदला जाएगा। अभी सर्वे वाले रूट पर ट्रायल होगा।
इस दौरान एडीएम सिटी बिना महावार, एएसपी डॉ. तेजपाल सिंह, सीओ ट्रैफिक मुकेश चौधरी, टीआई हरिओम मीणा सहित रोडवेज के अधिकारी मौजूद थे। भारी वाहनों ओर रोडवेज बसों के रेलवे स्टेशन के सामने से होकर गुजरने के कारण वहां हमेशा जाम लगा रहता था, जिससे आम जनता ओर रेलवे के यात्रियों को भारी असुविध होता थी। इस जाम के चक्कर में कई बार लोगों की ट्रेन ही निकल जाती थीं। दूसरा रेलवे स्टेशन का भी विस्तार होना है ओर यह काम तभी हो सकता है जब स्टेशन के चारो ओर स्थान खाली हो। हाल ही में आये डीआरएम ने भी जाम की इस समस्या से प्रशासन को अवगत कराया था।