शहर में नालों की स्थिति इतनी खराब हो गई है कि कई स्थानों पर लोगों का निकलना भी मुश्किल हो गया है। बदबू और गंदगी के कारण लोग नाक बंद कर गुजरने को मजबूर हैं। सफाई व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचीं जिला कलेक्टर डॉ. अतिका शुक्ला ने हालात देख नाराजगी जताई।
सोमवार को कलेक्टर ने शहर के मुख्य बाजारों और विभिन्न इलाकों का निरीक्षण किया। मुख्य सड़कों पर पहले की तुलना में सफाई बेहतर दिखी लेकिन पुराने इलाकों, कच्ची बस्तियों और संकरी गलियों में नालों की स्थिति चिंताजनक पाई गई। कई जगह नालों में प्लास्टिक, कचरा और कीचड़ जमा मिला, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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नगर निगम अधिकारियों ने दावा किया कि सफाई व्यवस्था में सुधार के प्रयास जारी हैं और बरसात से पहले नालों की पूर्ण सफाई कराई जाएगी। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सफाई केवल कागजों में नहीं, बल्कि जमीन पर भी नजर आनी चाहिए। जहां भी कमी मिले, वहां तत्काल सुधार किया जाए।
कलेक्टर के निर्देश पर नगर निगम ने प्रतिबंधित पॉलिथीन के खिलाफ अभियान भी चलाया। केड़लगंज पेट्रोल पंप क्षेत्र, खंडेलवाल ट्रांसपोर्टर, अन्य ट्रांसपोर्टर और एनईबी हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए 920 किलोग्राम पॉलिथीन और 80 किलोग्राम डिस्पोजल सामग्री जब्त की गई। इस दौरान 3600 रुपये के चालान भी काटे गए।
नगर निगम आयुक्त सोहन सिंह नरूका ने बताया कि शहर में सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने और प्रतिबंधित पॉलिथीन पर अंकुश लगाने के लिए अभियान जारी रहेगा