पंजाब इंजीनियर पेंशन एसोसिएशन की एक विशेष बैठक फगवाड़ा के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में प्रधान सुखविंदर सिंह तथा मुख्य सचिव रंजीत सिंह धालीवाल की अध्यक्षता में हुई जिसे संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि काफी समय से सरकार पर बहुत भरोसा करके देख लिया है। पेंशन और कर्मचारियों की मांगों को लेकर वे कई बार उनसे बात करते रहे हैं और मीटिंग करते रहे हैं। सरकार ने पंजाब में उनकी एसोसिएशन, पेंशन महासंघ और सहयोगी संगठनों के साथ सात बार मीटिंग की लेकिन सरकार की ओर से उनका बकाया नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगला पे कमीशन सेंटर ने तय किया था लेकिन पंजाब सरकार ने अगला पे कमिशन तो क्या तय करना था बल्कि अभी तक पिछला पे कमीशन लागू नहीं किया है। कर्मचारियों के भत्ते अभी भी लंबित हैं। पेंशनभोगी और वरिष्ठ नागरिक ही ऐसे हैं जिन्हें उनका डीए नहीं दिया गया है, जो वेतन पर हमारा अधिकार है। जो 19 प्रतिशत रोका गया है, वह नहीं दिया जा रहा है। उन्हें उतना भुगतान नहीं किया जा रहा है जितना उनका बकाया है। पे कमीशन का बकाया एकमुश्त देने के बजाय किश्तों में दिया गया है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने हमारे कर्मचारियों का डीए रोक दिया था और हमें हमारा हक नहीं दिया था। उन्हें लगता था कि यह सरकार बदलाव करेगी, हमें हमारा हक देगी, लेकिन यह सभी सरकारों में सबसे बेकार सरकार है। सरकार फेल हो गई है और उसने न तो कर्मचारियों, न वर्करों, न किसानों का हक दिया है। उन्होंने सबको दबाने की कोशिश की है। इस अवसर पर समूह सदस्यों ने पंजाब सरकार के विरुद्ध नारेबाजी की।