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मोगा की सड़कों पर कूड़े के ढेर, आम लोगों के लिए बनी बड़ी मुसीबत

Nivedita Updated Mon, 18 May 2026 03:24 PM IST

पंजाब भर में 6 मई से नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल जारी है, जिसके चलते पूरे प्रदेश की सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मोगा शहर में भी इस हड़ताल का असर साफ दिखाई दे रहा है। एक तरफ 26 मई को नगर निगम चुनाव होने जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शहर की स्वच्छता व्यवस्था बदहाल नजर आ रही है। नगर निगम चुनाव शहर के विकास और सुंदरीकरण के लिए अहम माने जाते हैं, लेकिन चुनाव से पहले ही मोगा की सड़कों पर जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। मोगा के मेन बाजार में देव होटल के पास, जो कि सिविल अस्पताल से कुछ ही दूरी पर स्थित है, आकलसर रोड पर दुकानों के बाहर, आर्य स्कूल के सामने, भीम नगर सरकारी स्कूल के सामने, तथा सिटी-1 थाने के नजदीक मुख्य सड़कों पर कूड़े के अंबार लगे हुए हैं। सड़कों पर फैली गंदगी और बदबू आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन चुकी है। दुकानदारों और राहगीरों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नगर निगम चुनाव से पहले शहर की खराब सफाई व्यवस्था मौजूदा सरकार और प्रशासन के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। शहरवासी अब प्रशासन से जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं, मोगा के देव होटल के पास दुकानदार अरुण गुलाटी, गगनप्रीत सिंह और इंदर कालरा ने बताया कि इलाके में कूड़े के ढेर और फैली गंदगी के कारण लोगों का आना-जाना कम हो गया है। उन्होंने कहा कि पिछले 13 दिनों से हालात बेहद खराब हैं और बदबू के कारण ग्राहक दुकानों तक नहीं पहुंच रहे। दुकानदारों का कहना है कि जब दुकान के सामने कूड़े का ढेर लगा हो तो ग्राहक कैसे आएंगे। उन्होंने बताया कि मार्केट में खाने-पीने की दुकानें और दूध डेयरी भी हैं, लेकिन गंदगी की वजह से कारोबार पर भारी असर पड़ रहा है। दुकानदारों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर जल्द सफाई व्यवस्था ठीक नहीं हुई तो उनके मार्केट का कोई भी दुकानदार नगर निगम चुनाव में वोट नहीं देगा। मोगा सिटी-1 थाने के पास दुकानदार परमिंदर सिंह, सुशील कुमार और अजय कुमार ने बताया कि सरकार की लापरवाही के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले 12-13 दिनों से इलाके में कूड़े के ढेर लगे हुए हैं, जिससे दुकानदारों का कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो गया है। दुकानदारों ने कहा कि कूड़े और बदबू के कारण ग्राहक दुकानों तक नहीं आ रहे। उनका कहना था कि “इस हालात में हमारा क्या कसूर है? ग्राहक कूड़ा देखकर वापस लौट जाते हैं, जिससे कारोबार ठप हो गया है।उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर यही कूड़ा किसी अफसर या विधायक के घर के बाहर पड़ा होता, तब उन्हें लोगों की परेशानी का एहसास होता। दुकानदारों ने कहा कि नगर निगम चुनाव शहर के विकास कार्यों के लिए कराए जाते हैं, लेकिन इस बार शहर की हालत देखकर लोगों का भरोसा टूट चुका है। उन्होंने कहा कि “इस बार हमने विकास देख लिया, इसलिए हम वोट नहीं देंगे। सफाई यूनियन रिटायरमेंट यूनियन के अध्यक्ष सतपाल अंजान ने कहा कि 6 मई से उनकी हड़ताल जारी है और उनकी मांगें पूरी तरह जायज हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने 2022 के चुनावों से पहले कर्मचारियों के हित में काम करने का वादा किया था, लेकिन पिछले चार वर्षों में कर्मचारियों की एक भी प्रमुख मांग पूरी नहीं की गई। इसी कारण कर्मचारियों को मजबूर होकर हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के पास अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने का कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था। “हम भी इसी शहर में रहते हैं। जो कर्मचारी पूरे शहर को साफ-सुथरा रखते हैं, आज सरकार उन्हीं को नजरअंदाज कर रही है,” उन्होंने कहा। सतपाल अंजान ने बताया कि आज 18 मई को चंडीगढ़ में बैठक बुलाई गई है। यदि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला लेती है, तो कर्मचारी रातों-रात शहर का सारा कूड़ा साफ कर देंगे। उन्होंने कहा कि शहरवासियों को हो रही परेशानी के लिए कर्मचारी नहीं, बल्कि सरकार जिम्मेदार है।

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