पटियाला की सेंट्रल जेल में नशे, मोबाइल और अन्य सामान की सप्लाई करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने इस मामले में तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से सिक्योरिटी गार्ड की वर्दी, नशे की 200 गोलियां, सात ग्राम गांजा, 78 जर्दे की पुड़ियां, नौ मोबाइल, आठ डाटा केबल और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। डीएसपी सिटी टू जंगजीत सिंह रंधावा और थाना त्रिपड़ी के इंचार्ज बलविंदर सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपी काफी समय से पटियाला जेल परिसर में नशे और मोबाइल के पैकेट फेंक रहे थे। पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश कर तीन दिनों का पुलिस रिमांड हासिल किया है। पूछताछ में और अहम खुलासे होने की संभावना है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संदीप उर्फ काली (24) निवासी अबलोवाल पटियाला, संजीव कुमार (34) निवासी कृष्णा कॉलोनी पटियाला और राजवीर सिंह उर्फ साहिल (25) निवासी करतार कॉलोनी नाभा के तौर पर हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के दो अन्य साथी भी हैं, जिन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। यह भी पता लगाया जा रहा है कि पकड़े गए नशे और मोबाइल जेल में बंद किन कैदियों को सप्लाई किए जाने थे। पटियाला जेल परिसर में नियमित जांच के दौरान टेप में लिपटे 10 पैकेट बरामद किए गए थे। इन पैकेटों में नौ मोबाइल, 78 जर्दे की पुड़ियां, तीन कूल लिप, चार सिगरेट की डिब्बियां, दो लाइटर, चार डिब्बी अल्ट्रा थिन पेपर, आठ डाटा केबल और सात ग्राम गांजा मिला था। जेल प्रशासन ने इस बरामदगी की सूचना थाना त्रिपड़ी पुलिस को दी, जिसके बाद अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी तरीकों से आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के समय आरोपी एक बार फिर जेल में नशे की सप्लाई करने की तैयारी में थे। डीएसपी जंगजीत सिंह रंधावा ने बताया कि पकड़े गए आरोपी पिछले काफी समय से पटियाला जेल के अंदर नशे और मोबाइल के पैकेट फेंक रहे थे। संजीव कुमार ने 45 बार और संदीप उर्फ काली ने 25 बार नशे और मोबाइल के पैकेट जेल के अंदर फेंके थे। उनका तीसरा साथी राजवीर उर्फ साहिल मोटरसाइकिल चलाता था। डीएसपी ने बताया कि बरामद सिक्योरिटी गार्ड की वर्दी पहनकर वारदात को अंजाम दिया जाता था। इससे राहगीरों को उन पर शक नहीं होता था और उन्हें लगता था कि वे जेल के कर्मचारी हैं। डीएसपी ने जेल के अंदर नशे और मोबाइल की सप्लाई के इस पूरे नेटवर्क में जेल के किसी भी कर्मचारी की संलिप्तता से इन्कार किया है।