29 लेबर कानूनों को खत्म कर बनाए गए चार नए लेबर कोड के विरोध में मजदूर संगठनों के संयुक्त आह्वान पर मंगलवार को काला दिवस मनाया गया। इस कार्यक्रम के तहत ग्रामीण मजदूर यूनियन जिला लुधियाना ग्रामीण की ओर से जगरांव, अगवाड लोपों और रसूलपुर समेत कई जगहों पर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री के पुतले फूंके गए और रोष जताया गया। महासचिव अवतार सिंह रसूलपुर और जिला अध्यक्ष सुखदेव सिंह माणूके ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए चार लेबर कोड मजदूर वर्ग के अधिकारों पर सीधा हमला हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन कानूनों के जरिए मजदूरों के वे अधिकार भी छीन लिए गए हैं, जो उन्होंने दशकों के लंबे संघर्ष के बाद हासिल किए थे। नेताओं ने कहा कि नए लेबर कोड के लागू होने से पूंजीपति वर्ग को मनमर्जी से मजदूरों का शोषण करने की खुली छूट मिल जाएगी। उनका कहना था कि पहले के लेबर कानून भले ही पूरी तरह प्रभावी नहीं थे, लेकिन मजदूर संगठनों के संघर्ष के कारण कई बार पूंजीपतियों के लिए चुनौती बन जाते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने की नीतियां लागू कर रही है, जिससे मजदूर वर्ग के हितों को भारी नुकसान हो रहा है। नेताओं ने मजदूरों से अपील करते हुए कहा कि वे इन चारों लेबर कोड के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष को तेज करें, ताकि मजदूरों के अधिकारों की रक्षा की जा सके। इस मौके पर बख्तौरा सिंह, कुलवंत सिंह, जगदीश सिंह, गुरसेवक सिंह, परमजीत कौर, भजन कौर, रानी कौर और गुरदेव कौर समेत कई मजदूर और संगठन के कार्यकर्ता मौजूद रहे।