जालंधर के बस स्टैंड के पास स्थित आरटीओ दफ्तर में उस समय भारी हंगामा हो गया जब लाइसेंस संबंधी काम में लगातार हो रही देरी से परेशान लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। सुबह से ही दफ्तर के बाहर लोगों की लंबी लाइनें लगी रहीं और कई लोगों ने नारेबाजी करते हुए अपना रोष जताया। मामले की जानकारी देते हुए बस्ती दानिशमंदा निवासी कमल कुमार ने बताया कि वह सुबह 7 बजे लाइसेंस संबंधी काम के लिए दफ्तर पहुंचे थे। उनकी फाइल कर्मचारियों द्वारा सुबह 9 बजे लगाई गई थी, लेकिन दोपहर 12 बजे तक भी फाइल तैयार नहीं हुई। जब उन्होंने कर्मचारियों से देरी का कारण पूछा तो कभी नेटवर्क समस्या का हवाला दिया गया और कभी कहा गया कि स्टाफ का चाय पीने का समय हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सुबह से लोग परेशान हो रहे हैं, लेकिन कोई भी अधिकारी उनकी समस्या का समाधान करने को तैयार नहीं है। कमल कुमार ने कहा कि जब अधिकारियों से बात करने की कोशिश की जाती है तो वे उल्टा लोगों से बहस करने लगते हैं। एक अधिकारी ने उन्हें बताया कि जियो कंपनी के कर्मचारी नेटवर्किंग का काम कर रहे हैं। जब उनसे पूछा गया कि कर्मचारी कहां हैं तो जवाब मिला कि वे सामान लेने गए हैं। वहीं मुकेश कुमार ने बताया कि वह सुबह 9 बजे से लाइन में खड़े हैं और तीन बार चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन अब तक उनका काम नहीं हुआ। आरटीओ दफ्तर में बड़ी संख्या में लोग अपने काम के लिए परेशान नजर आए। दूसरी ओर दफ्तर के कर्मचारियों का कहना है कि नेटवर्किंग का काम चल रहा है, जिसकी जानकारी लोगों को दे दी गई है और नेटवर्क सही होते ही काम शुरू कर दिया जाएगा।