जालंधर नगर निगम में वीरवार को कर्मचारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि नगर निगम से जुड़े 1196 पद लंबे समय से खाली पड़े हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक इन पदों को भरने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। कर्मचारियों के मुताबिक, खाली पदों के कारण मौजूदा स्टाफ पर काम का अतिरिक्त बोझ बढ़ रहा है और रोजमर्रा का विभागीय कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि 1196 पदों को जल्द से जल्द भरा जाए। कर्मचारियों का कहना है कि आने वाले समय में चुनावी आचार संहिता लागू होने की संभावना है। यदि आचार संहिता लागू हो गई तो भर्ती प्रक्रिया दोबारा प्रभावित हो सकती है और खाली पदों को भरने का मामला लंबे समय तक लटक सकता है। कर्मचारियों ने पंजाब सरकार की ओर से लाई गई नई कंपनी को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि पंजाब में काम करवाने के लिए नई व्यवस्था लागू की जा रही है, लेकिन इसका लाभ स्थानीय कर्मचारियों को मिलने के बजाय दिल्ली से जुड़े लोगों को दिया जा रहा है। कर्मचारियों ने सरकार से इस व्यवस्था को स्पष्ट करने और स्थानीय कर्मचारियों के हितों को प्राथमिकता देने की मांग की। कर्मचारियों ने कहा कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर सरकार के सामने आवाज उठा रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 1196 पदों को जल्द भरने और नई कंपनी से जुड़े मुद्दे पर उचित फैसला नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में संघर्ष और तेज किया जा सकता है। नगर निगम कर्मचारियों ने सरकार से अपील की कि चुनावी आचार संहिता लागू होने से पहले भर्ती प्रक्रिया पूरी कर खाली पदों पर नियुक्तियां की जाएं, ताकि कर्मचारियों पर बढ़ रहा काम का बोझ कम हो और नगर निगम का कामकाज सुचारू रूप से चल सके।