पिछले एक माह में पच्चीस से तीस रूपए प्रति किलो रेट का चीनी में उछाल आया है। जिस कारण आम लोगों के घरों की रसोई का बजट पूरी तरह से हिल गया है। वहीं शूगरफेड के चेयरमैन नवदीप जीदा कह रहे कि सरकारी चीनी मिल सिर्फ लोगों के हितों को ध्यान में रखकर चीनी को बना रही जबकि प्राइवेट मिल वाले पैसे को तरजीह देकर एथनाल तैयार करने में जुट गए है। जिस कारण चीनी की शार्टेज ज्यादा हो रही है। नामधारी स्टोर संचालक सुरमुख सिंह ने बताया कि चीनी का रेट हर रोज बदल रहा है। एक से दो रूपए प्रति दिन बढ रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले एक माह में पच्चीस से तीस रूपए प्रति किलो चीनी का रेट बढा है। पहले चालीस से 42 रूपए प्रति किलो रेट के हिसाब से चीनी मिलती थी लेकिन आज 66 से 70 रूपए के बीच में चीनी का प्रति किलो है। दुकानदार भी नहीं चाहते कि रेट बढे - रेट बढने से ग्राहकों से संबंध बिगडने का भी खदशा सुरमुख सिंह बातचीत के दौरान कहते है कि हर रोज चीनी के रेट बढ रहे है। जिस को लेकर दुकानदार भी चिंतत है। उनका कहना था कि जो रोजाना का ग्राहक उनके पास आता है, वो कई बार रेट को लेकर निराश होता है। जिस कारण ग्राहक एवं दुकानदार के संबंध बिगडने की संभावना हो जाती है।