पंजाब रोडवेज-पनबस और पीआरटीसी कांट्रेक्ट वर्कर्स यूनियन के आह्वान पर फरीदकोट बस स्टैंड पर कच्चे कर्मचारियों की हड़ताल वीरवार को दूसरे दिन भी जारी रही। 21 अक्टूबर को सरकार के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक बेनतीजा रहने के बाद यूनियन ने संघर्ष तेज करने का फैसला लिया है। कर्मचारियों ने 23 अक्टूबर को मोहाली में बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया है, जिसमें विभिन्न सहयोगी संगठनों के कर्मचारी भी शामिल होंगे। धरने के दौरान कर्मचारी नेताओं ने पंजाब सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी मांगों को लेकर बार-बार बैठकें तय की जाती हैं, लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार संबंधित अधिकारी बैठकों में शामिल नहीं होते, जिससे बातचीत आगे नहीं बढ़ पाती। नेताओं के अनुसार, सरकार केवल आश्वासन देकर मामले को टाल रही है। कर्मचारी नेताओं हरप्रीत सिंह सोढ़ी और हरदीप सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने के लिए एक्ट बनाया है, लेकिन संबंधित अधिकारी इसे लागू करने में गंभीरता नहीं दिखा रहे। उन्होंने चेतावनी दी कि 23 अक्टूबर को मोहाली में प्रदर्शन के बाद कर्मचारी विधानसभा की ओर कूच करेंगे। इस दौरान सरकार को एक्ट की प्रतियां वापस सौंपकर अपना विरोध दर्ज करवाया जाएगा। नेताओं ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने सत्ता में आने से पहले कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने का भरोसा दिया था। उस समय पार्टी के नेता कर्मचारियों के धरनों में भी शामिल होते थे, लेकिन सरकार बनने के बाद कर्मचारियों को अपने हक के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। यूनियन ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। मोहाली में होने वाले प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए विभिन्न सहयोगी संगठनों के कर्मचारियों से संपर्क किया जा रहा है।