पंजाब में मनरेगा कर्मचारियों का आंदोलन एक बार फिर तेज हो गया है। सरकार द्वारा हड़ताल पर चल रहे कर्मचारियों को सेवा से हटाने और उनकी जगह आउटसोर्स के माध्यम से नई भर्ती करने संबंधी नोटिफिकेशन जारी किए जाने के विरोध में कर्मचारियों ने फरीदकोट में नोटिफिकेशन की प्रतियां जलाकर अपना रोष जताया। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे गौरव सिंह व अन्य नेताओं ने कहा कि वे पिछले करीब 18 वर्षों से मनरेगा योजना के तहत सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन पिछले आठ महीनों से उन्हें वेतन तक नहीं मिला। उनका आरोप है कि सरकार ने सत्ता में आने से पहले कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने का वादा किया था, लेकिन अब उनकी मांगों पर ध्यान देने के बजाय उन्हें नौकरी से निकालने की तैयारी की जा रही है।कर्मचारियों ने खन्ना में हाल ही में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल की भी निंदा की। उनका कहना है कि अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों के साथ ऐसा व्यवहार किया गया, जिससे उनमें भारी रोष है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने नोटिफिकेशन वापस लेकर उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लिया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। इसी कड़ी में 20 जुलाई 2026 सोमवार को खन्ना में राज्यस्तरीय प्रदर्शन करने का ऐलान किया गया है।