लीगल एड डिफेंस काउंसल (एलएडीसी) नीति के विरोध में फरीदकोट के वकीलों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। 7 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे वकीलों ने शुक्रवार को जिला अदालत के बाहर प्रदर्शन करने के बाद शहर में रोष मार्च निकालकर सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की। वकीलों का कहना है कि उनका विरोध केवल रोजगार से जुड़ा मुद्दा नहीं है, बल्कि यह न्याय व्यवस्था और कानून-व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय है। उनका आरोप है कि सरकार एक तरफ अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें गिरफ्तार करती है, जबकि दूसरी तरफ उन्हीं आरोपियों को अदालत में सरकारी खर्च पर कानूनी सहायता उपलब्ध कराती है। वकीलों के अनुसार यह व्यवस्था अपराधियों में कानून का भय कम कर सकती है। बार एसोसिएशन फरीदकोट के प्रधान गुरजगपाल सिंह ने कहा कि यदि सरकार स्वयं आरोपियों के बचाव की व्यवस्था करेगी तो इसका गलत संदेश समाज में जाएगा। उन्होंने दावा किया कि इससे अपराध पर अंकुश लगाने के प्रयास कमजोर होंगे और न्याय व्यवस्था की प्रभावशीलता पर भी असर पड़ेगा। वकीलों ने यह भी कहा कि एलएडीसी नीति लागू होने से निजी वकीलों के काम और रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। बार एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि जब तक एलएडीसी नीति वापस नहीं ली जाती, तब तक उनका अदालतों का बहिष्कार और अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रहेगा।