पठानकोट जिले में बीते वर्ष बरसात के दौरान रणजीत सागर डैम से छोड़े पानी कारण जहां बाढ़ की स्थिति बन गई थी वहीं, कई लोगों की बाढ़ ने मुश्किलें बढ़ा दी। लोगों का भारी नुकसान बाढ़ की वजह से हुआ। आज भी कई स्थान ऐसे है जहां बाढ़ व बारिश से हुए नुकसान का सरकारी मुआवजा लोगों को नहीं मिल पाया है। पंजाब सरकार ने ऐसे लोगों की मदद के लिए आर्थिक सहायता देने की बात कही थी और उक्त लोगों के हालात देख लगता है कि सरकार के दावे सिर्फ खोखले ही साबित हुए है। रंजीत सागर डैम से छोड़ा गया अगस्त 2025 में पानी से पठानकोट के गांव कोट में भी नुकसान देखने को मिला। गांव कोट के पीड़ित प्रेम चंद, प्रताप चंद, शीतल देवी ने कहा कि अगस्त 2025 में आई बाढ़ व बारिश के कारण आसपास के करीब डेढ़ दर्जन परिवारों ने पानी से हुई तबाही का मंजर देखा। पानी इतना ज्यादा आ चुका था कि उनके घरों तक पहुंच गया जिस कारण उनके पशु भी इस पानी की चपेट में आ कर बह गए और उनके घरों एवं सामान पानी की चपेट आकर खराब हो गया। अगर पानी रात के समय आता तो उनकी जान भी जा सकती थी लेकिन, पानी दिन के समय जब डैम से छोड़ा तो उन्होंने जैसे तैसे भाग कर अपनी जान बचाई। कहा कि इसके साथ ही उन्होंने सरकार से मुआवजे की गुहार भी लगाई थी और सरकार ने यह कहा था कि जिन लोगों का नुकसान हुआ है उनकी आर्थिक मदद दी जाएगी। परंतु 6 महीने बीत जाने के बाद भी अभी तक उनको किसी भी प्रकार का मुआवजा नहीं मिला है और ना ही कोई अधिकारी व नेता अभी तक उनका हाल जानने के लिए पहुंचा है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि उनको जल्द से जल्द बनता मुआवजा दिया जाए।