फिरोजपुर बाढ़ प्रभावित गांव कालू वाला (टापू) के खेतों में रेत भरी हुई है। ये तीनों तरफ सतलुज दरिया से घिरा है और चौथी तरफ पाकिस्तान की सीमा है। यहां के किसानों ने रेत निकालने के लिए किराए पर जेसीबी मशीन लगाई हुई है। इसका एक घंटे का पंद्रह सौ रुपये है। किसानों व ग्रामीणों ने समाजसेवी संस्थाओं से मांग की है कि उन्हें डीजल मुहैया कराया जाए। उन्हें डीजल की बहुत जरूरत है। अब कोई संस्था उनकी मदद को आगे नहीं आ रही है। उनके खेतों से रेत नहीं निकली तो गेहूं की बिजाई नहीं हो पाएगी। सभी राजनीतिक नेता डीजल देने का दावा कर रहे थे, लेकिन उनके तक कोई नहीं पहुंचा है।