कम्युनिस्ट पार्टियों के आह्वान पर वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को अगवा करने की कथित अमेरिकी साजिश के विरोध में अमेरिकी राष्ट्रपतिका मोगा जोगिंदर चौक पर पुतला फूंका गया। इससे पहले सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता शहीद नछत्तर सिंह धालीवाल भवन, मोगा में एकत्र हुए। इस अवसर पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव कुलदीप सिंह भोला तथा सीपीआई (एमएल) न्यू डेमोक्रेसी के राज्य नेता कामरेड निर्भय सिंह ढुड्ढीके ने संबोधित करते हुए कहा कि अमेरिकी सेनाओं द्वारा अंतरराष्ट्रीय कानूनों की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हुए दूसरे देश वेनेजुएला में घुसकर वहां के राष्ट्रपति और उनकी पत्नी को अगवा करने का प्रयास सरासर गुंडागर्दी है और यह लोकतंत्र की हत्या के समान है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इशारे पर की गई यह कार्रवाई न केवल अंतरराष्ट्रीय कानूनों, बल्कि स्वयं अमेरिकी कानूनों के भी खिलाफ है। उन्होंने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को नशा तस्कर बताकर की गई कार्रवाई को वेनेजुएला के समृद्ध तेल भंडारों और खनिज संपदा पर कब्जा करने की साजिश करार दिया। इस मौके पर डॉ. इंदरवीर सिंह गिल, युवा नेता करमजीत सिंह माणूंके, साथी सरबजीत सिंह दौधर और डॉ. गुरमेल सिंह माछीके ने भी विशेष रूप से संबोधित किया। इसके उपरांत मोगा शहर के बाजारों में जोरदार रोष प्रदर्शन किया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लिखी तख्तियों और बैनरों के साथ किए गए इस प्रदर्शन को आम नागरिकों ने भी समर्थन दिया।